Heer Ranjha Love Story/हीर रांझा लव स्टोरी

Heer Ranjha Love Story/हीर रांझा लव स्टोरी

Hello guys aaj main aap sabhi ke liye kuch new love story lekar aaya hu jiska naam hain heer ranjh love story toh aako bahut hi acha lagega mujhe ummed hain toh agar aap hamare website par pahle baar aaye ho toh hamare website ko subscribe kar isse yah fayda hoga ki main koi bhi post upload dalunga toh uska notification aap ke pass sabse pahle aayega aaj special love story aap sabhi ke dimand par laya hu toh comment kar ke jarur bataye aapko kasa love story heer aur ranjha ka laga

Heer Ranjha Love Story/हीर रांझा लव स्टोरी

Heer Ranjha Kase mile/हीर रांझा केसे मिले

एक गाउ मैं हीर रहती थी जिसके पिता  किसान थे वह बहुत ही जाय्दा नटखट थी वह सब की लड़ली थी उसे सभी बहुत प्यार करते थे बस उसके पिता को एक बात सताती रहती थी की उनके पास कोई भी रुपया या ज़मीन नही थे जिन्हे वह बेचकर अपनी बेटी की शादी कर ले एक दिन उस गाउ में हीर को रांझा दिखा वो बहुत ही ज़्यादा खुश थी रांझा को देख कर लेकि उन्हे पता नही था की ये  रांझा कोन हैं पहले तो इस गाउ में कभी दिखा नही हीर अपने दोस्तो के साथ मिलकर रांझा का पता लगाने के लिए वो उनका पीछा करने लगे लेकिन रांझा तो कार में था और हीर पैदल तो रांझा अपने दोस्तो के साथ वापस घर आ गये तब हीर ने अपने पिता से पूछ की पापा गाउ में एक रांझा आया हैं आज तक हमने इस गाउ में पहले कभी नही देखा तो उसके पिता जी ने पता लगाने के लिए गाउ में सभी से पूछने लगे लेकिन गाओ में किसी को भी ये बात नही पता था क्योकि रांझा इससे पहले बाहर विदेश में रहता था तो उनके पिता को दो दिन हो गये लेकिन फिर भी पता नही चला फिर उन्होने अपने गाउ के सरपंच के घर देखा तब उन्होने अपनी बेटी हीर को बताया की वो सरपंच के बेटा रांझा ये बात हीर को पता चला और हीर रोज रांझा के घर के बाहर जाकर ख़रा  हो जाती थी और हीर ने एक दिन रांझा ने हीर को देख लिया और तब से हीर रांझा के लव स्टोरी सुरू हो गया हैं(Heer Ranjha Love Story)

Ranjha ko Heer se pyar kase hua/रांझा को हीर से प्यार केसे हुआ

रांझा के घर के बाहर रोज हीर आया करती थी तो एक दिन रांझा ने उन्हे देख लिया तब रांझा ने उनसे पूछा आप रोज मेरे घर के नीचे आकर पूरे दिन बेती रहती हैं आपको किससे मिलना हैं या कोई काम हैं तो आप मुझे बता दीजिए मैं अपने पिता जी से कह कर काम करवा दूँगा तब हीर ने रांझा से हिमत करके बोली की मैं आप से मिलने के लिए आप के घर के नीचे डेली आती हू पर आप नही मिलते तो रांझा ने पूछा आप तो मुझे जानते भी नही हो और आप मुझसे बात क्यो करना चाहती हो तो हीर ने रांझा से बोला की मैने आपको जब से देखा तब से आप मेरे सपने नींद मे सभी जगह दिखाय देते हो मुझे आप से प्यार हो  गया हैं अगर आप को भी मुझसे प्यार हैं तो आप मुझे अपने घर के बाहर आकर बता देना तो रांझा ने कोई जवाब नही दिया रांझा भी प्यार करने लगा था उन्होने भी  जब देखा तभी से प्यार हो गया लेकिन वो देखना चाहते थे के हीर भी मुझसे प्यार करती हैं या नही तो उन्होने  हीर का कोई भी जवाब नही दिया और हीर उनके घर के बाहर दो दिनो से भूखा प्यास रांझा  का इंतज़ार करने लगी के रांझा कब आएँगे और मुझे बोलेंगे की मुझे भी तुमसे प्यार हैं रांझा भी दो दीनो से कुछ भी नही खाया नही था वो भी छुपकर हीर को देखते रहते थे जब उन्होने देखा की दो दीनो से वो  वहा  से उठकर कही भी नही गयी तो रांझा अपने घर के बाहर जाकर हीर को गले लगाकर रोने लगे और अपने प्यार का इज़हार कर दिया (Heer Ranjha Love Story)

Heer Ranjha Love Story/हीर रांझा लव स्टोरी

Heer ranjha ka pyar/हीर रांझा का प्यार

हीर रांझा का प्यार कुछ इस तरह से था की अगर एक चोट लगेगा तो दर्द दोनो को होता था दोनो एक दूसरे पे जान से जयदा प्यार करते थे लेकिन गाउ वालो को यह सब चीज़ पसंद नही थे लेकिन यह दोनो को किसी का भी डर नही था की वो मुझे क्या करेंगे बस यह यही चीज़े सोचते रहते थे की की एक दूसरे को कुछ हो तो नही जाएगा बस इन्हे इसी चीज़ कर डर बना रहता था लेकिन फिर भी दोनो ने मिलना नही छोरा रोज मिलते रहते थे छुप छुप कर तो गाउ वालो को पता चल गया तो उन्होने हीर के पिता को बता दिया की आपकी बेटी रांझा के साथ घूमती रहती हैं अब की बार हम नही छोरेंगे उसके पिता को डर बन गया था की हीर को कुछ ये कर न दे जब हीर घर आई तो उसके पिता ने बताया की बेटी गाओ वालो ने माना किया आप दोनो एक दूसरे से नही मिलोगे यह सरपंच जी को भी पता नही हैं नही तो तुम दोनो को जिंदा ही मार डालेंगे यह बात सुनकर  हीर भी बहुत दर गयी थी हीर्ब ने अगले दिन रांझा को बताया की अगर आपके पिता जी को हम दोनो के बारे मे पता चलेगा तो हमे दोनो को वह जिंदा ही जला देंगे तो उन्होने हीर से पूछा तो अब क्या करना होगा एक दूसरे के बिना तो रह नही सकते तो फिर भी हीर रांझा छुप छुप कर मिलते रहते थे (Heer Ranjha Love Story)


Ranjha aur heer ka pyar

एक दिन गाउ  के  लोगो  ने हीर रांझा को एक साथ देख लिया उस दिन गाउ वाले बहुत ही जयदा गुस्से में थे वो रांझा को तो मार नही सकते थे क्योकि वह सरपंच जी का बेटा हैं तो गाउ वालो ने सोचा क्यो न सरपंच जी को ही बता दे इन दोनो के बारे में कुछ लोग एक साथ  मिलकर सरपंच जी के घर मे गये सरपंच जी को इन दोनो के बारे में बताया सरपंच जी काफ़ी जयदा गुस्से में थे असे लग रहे  थे की अभी वो दोनो सामने आजाए उन दोनो को अभी मार देंगे जासे ही हीर रांझा को पता चला की गाउ वाले रांझा के पिता को इन दोनो के बारे मे बता रहे हैं तभी वो दोनो ने गाउ से  भाग जाने का सोचा और वो दोनो जेसे ही बस स्टॅंड गये तभी रांझा के पिता और उनके आदमी हीर रांझा को ढूँढने लगे और  उन दोनो जासे ही रांझा के पिता को देखा तो भागने लगे और आगे से उनके आदमियो ने घेर लिया और फिर रांझा ने एक के  हाथ मे से बंदूक छीन लिया फिर उसने हीर से बोला एक साथ जी नही सकतें तो मार तो सकते हैं न रांझा ने पहले हीर पे गोली चलाई फिर खुद पर और दोनो का लव स्टोरी का डी एंड हो गया (Heer Ranjha Love Story)

conclusion

hello dosto toh aapko heer ranjha ka pyar kase laga toh comment karke jarur bataye aur aapke paas bhi kuch ase hi pyar hai toh hame apna naam aur apni pyar ki kahani send karein 

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