Hindi Shayari Rahat Indori For Whatsapp Status

Hindi Shayari Rahat Indori For Whatsapp Status

Hello Guys Aaj  Ka Kuch naya shayari lekar aaya hu aapko bahut hi achcha lagega toh jald se jald padhiye aur ise share kariye apne dosto ko aur familiy ko bhi



Hindi Shayari Rahat Indori For Whatsapp Status


खुदा ने कहा पूरी दुनिया  की दौलत तेरी कदमो मे रख दूँगा पर तुझे रहना परेगा अपनी मा से दूर कही  खुदा ने कहा पूरी दुनिया  की दौलत तेरी कदमो मे रख दूँगा पर तुझे रहना परेगा अपनी मा से दूर कही मेने  कहा आए  मालिक चाहे और कॅंगाल कर दे पर तेरा ये फ़ैसला मंजूर नही 
(Hindi Shayari)
khuda ne kaha puri duniya ki daulat teri kadmo mein rakh dunga par tujhe rahna parega apni maa se dur kahi khuda ne kaha puri duniya ki daulat teri kadmo mein rakh dunga par tujhe rahna parega apni maa se dur kahi mene kaha ae maalik chahe aur kangal  kar de par tera ye faisla manjur nahi  



मोहब्बत हम भी करना चाहते थे अपनी बहो मे उसकी जिस्म को नही उसकी रूह को भाड़ना चाहते थे लेकिन अंदाज़ यही ग़लत था की हमे उसे अपनी बेकरारी समझ बैठे
(Hindi Shayari)
mohabbat ham bhi karna chhate the apni baho mein uski jism ko nahi uski ruh ko bharna chahate the lekin andaz yahi galat tha ki hame use apni bekarari samjh baithe 


की मेरे बाप की सीकायत  करू भी तो क्या करू  जो भी माँगा वक़्त से पहले ही मिल जाता हैं की मेरे बाप की सीकायत  करू भी तो क्या करू  जो भी माँगा वक़्त से पहले ही मिल जाता हैं मैं काला गोरा लाल पीला जैसा  भी हू देखते ही  मेरे मा का चेहरा  खिल जाता हैं
(Hindi Shayari)
ki mere baap ki sikayat karu bhi toh kaya  karu jo bhi manga waqt se pahle hi mil jata hain ki mere baap ki sikayat karu bhi toh kaya  karu jo bhi manga waqt se pahle hi mil jata hain main kala gora  lal  pila jaisa bhi hu dekhte hi mere maa ka chehara khil jata hain 


Dua  sms in Hindi


हमारे किस्मत का खेल भी क्या निराला हैं हमारे किस्मत का खेल भी क्या निराला हैं हमे जिसको भी दिल से लगाया  हमे उसने ही दिल से  निकाला
(Hindi Shayari)
hamare kismat ka khel bhi kya nirala hain hamare kismat ka khel bhi kya nirala hain hame jisko bhi dil se lagaya hame usne hi dil se nikala hain 


जमाने की झूठी  गवाही देखी  मोहब्बत में आशिक़ो की तबाही देखी जब लिखने बैठा अपनी जख़्मो दर्द को तो कलम की ख्तम होती सिहाई देखी
(Hindi Shayari)
jamane  ki jhuthi gawahi dekhi mohabbat mein aashiqo ki tabahi dekhi jab likhne baitha apni jakhmo dard ko toh kalam ki khtam hoti sihai dekhi



खरीदने चले थे  लोग हमे के खरीदने चले थे  लोग हमे लेकिन उन्हे रास्तें  में अपनी औकात याद आगाई के खरीदने चले थे  लोग हमे के खरीदने चले थे  लोग हमे लेकिन उन्हे रास्तें  में अपनी औकात याद आगाई  मुझतक पहुचने से पहले ही सयद मेरी ज़मीर की  याद आगाई
(Hindi Shayari)
kharidne  chale the log hame ke kharidne chale de log hame lekin unhe raastein mein apni aukaat yaad aagayi  ke  kharidne  chale the log hame ke kharidne chale de log hame lekin unhe raastein mein apni aukaat yaad aagayi mujhtak pahuchne  se  pahle hi sayad meri jamir ki yaad aagayi

Hindi Shayari For Maa


मा हैं तो सब कुछ हैं इस जहाँ में कों कहता हैं की यहा जनत नही होती 
maa hain toh sab kuch hain is janha mein kon kahta hain ki yaha janat nahi hoti 



आज लाखो रुपय बेकार हैं उस एक रुपय के सामने जो मा कभी स्कूल जाते वक़्त दिया करती थी 
aaj laakho rupay bekar hain us ek rupay ke samne jo maa kabhi school jaate waqt diya karti thi



सुला दिया  मा ने भूखे बच्चे को ये कहकर की पारियाँ आएँगी सपनो मे रोटियाँ लेकर
sula diya maa ne bhuke bachche ko ye kahkar ki paryiaan aayengi sapno mein rotiyaan lekar



सॅनाटा सा छा गया बटवारे के हिस्से मे जब मा ने पूछा मैं हू किसके हिस्से में 
sanaata sa cha gaya batware ke hisse mein jab maa ne pucha main hu kiske hisse mein 



घर की तलाशी लूँगा में इस बार मुकम्मल न जाने मेरी मा गम कहा कहा छुपा कर रखती हैं 
ghar ki talashi lunga mein is baar mukammal n jane meri maa gam kaha chupa kar rakhti hain 


मा तो आख़िर मा होती हैं जान लेती हैं की आँखे सोने से लाल हैं या रोने से लाल हैं 
maa toh aakhir maa hoti hain jaan leti hain ki aankhe sone se lal hain ya rone se lal hain 

Hindi Shayari Love


बहुत भीर हुआ करती  थी महफ़िल में मेरी फिर मैं सच बोलता गया और लोग उठतें गये 
bahut bhir hua karti thi mahfil mein meri phir main sach bolta gaya aur log uthtein gaye 


कोन था जिसे दुख सुनते अपना आईने पर सर रखा और रो दिए
kon tha jise dukh sunate apna aayne par sar rakh aur ro diye  


चेहरा देखकर ही इंसान को पहचानने की कला थी मुझमे  तक़लीफ़ तो तब हुई जब इंसानो के पास चेहरे बहुत थे 
chehare dekhar hi insaan ko pahchanne ki kala thi mujhme taqlif toh tab hui jab insano ki pass chehare bahut the 

Two line Shayari In Hindi


खिलाफ कितने हैं ये मुदा नही साथ कितने हैं ये ज़रूरी हैं 
khiaf kitne hain ye mudaa nahi saath kitne  hain ye jaruri hain


समझने वालें तो खामोशी भी समझ लेते हैं ना समझने वालें जज्बातें का भी मज़ाक बना देते हैं 
samjhne wale toh khamoshi bhi samjh lete hain na samjhne wale jajjbato ka bhi majak bana dete hain 

मकान इतने बन गये हैं शहर में मेरे की ज़मीन तो भारी परी हैं लेकिन दिल खाली हैं 
makan itne ban gaye hain sehar mein mere ki jamin toh bhari pari hain lekin dil khali hain 


Rahat Indori Shyari in Hindi 



वो बेबफा हैं तो क्या  उसे बेबफा मत कहो बुलाओ उसको की जो हुआ सो  हुआ खुश रखे खुदा  उसको  नज़र ना आए तो उसकी तलाश में रहना नज़र ना आए तो उसकी तलाश में रहना कही मिले तो पलट  कर नही देखना  उसको (Hindi Shayari)
wo bebafa hain toh kya use bebafa mat kaho bulao usko ki jo hua so hua khus rakhe khuda usko nazar na aaye toh uski talash mein rahna nazar na aaye toh uski talash mein rahna kahi mile toh palat kar nahi dekhna usko


तुम्हारे शहर के मौसम सुहाना लगे  में एक शाम  चुरा लू बुरा ना लगे और तुम्हारे बस में तुम्हारे बस में हो तो भूल जाना हमे तुम्हे  भूलने मे शायद जमाना  लगे मुझे (Hindi Shayari)
tumharein sehar ke mausam suhana lage  mein ek sham chura lu bura na lage aur tumhare  bas mein tumhare bas mein ho to bhul  jana hamein tumhe bhulne mein shyad jamana lage mujhe 



जीतने भी की उतनी मोहब्बत नही मिली क्या फ़ायदे को रोएई लागत नही मिली कातिल हमारे कत्ल से माशुर हो गया कातिल हमारे कत्ल से माशुर हो गया हमको शहीदो का दर्ज नही मिला (Hindi Shayari)
jitne bhi ki utni mohabbat nahi mili kya fayade ko roi  laagat nahi mili kaatil hamare  katl se mashur ho gaya katil hamare katl se mashur ho gaya hamko sahido ka darj nahi mila 


मिया  अब वो दिन गये अब हिमाकत कोन करता हैं वो क्या कहतें हैं हा उसको मोहब्बत कों करता हैं कोई जानत कतालिब हैं तो कोई गम से परिशा हैं गर्ज सर दे सजाती हैं इबाब्बत कों करता  हैं  (Hindi Shayari)
miya ab wo din gaye ab himakat kon karta hain wo kya  kahtein ha usko mohabbat ko n karta hain koi  janta  ktalib hain toh koi gam  se parisha hain garj sar de sajati hain ibabbat kon karta hain 


chetan bhagat love story in hindi

वह लिफ्ट पोडियम पर खरी थी उसका कद पाच फिट तीन इंच ही था लेकिन टंकार खरी होने के कारण वह अपने कद से अधिक लंबी नज़र आ रही थी उसने  कहा सफेद रंग की सलवार कमीज़ पहनी थी जिस पर सिल्वर पाइपिंग  वाला फुसीया सफेद दुपट्टा लिया हुआ था मुझे उसके कपड़ो के बजेये उसकी डिबीटिंग  सिल्क्स पर फोकश करना था लेकिन मेरी बात तो रहने ही दीजिए डिबेट मे उसके विरोधी को भी कुछ पल ठहरकर उसको एक नज़र निहारने को मजबूर होना पर रहा था ज़ारा बेहद खूबसूरत थी सेमिनार हॉल स्टेज पर एक बॅनर था जिस पर डिबेट का विषय लिखा हुआ था क्या सार्वजिनिक रूप से धार्मिक आस्था के पारदर्शन पर रोक लागया जाना चाहिए ज़रा लोन के सामने था इंदर दास हिंदू  कोल्लेज का डिबेट चॅंपियन   वो दोनो ही क्लास ऑफ द टाइम्स के फाइनल तक पहुचे थे  

conclusion

hello dosto toh aapko shayari bahut hi pasand aaya hoga toh jaldi se share karo aur subscribe bhi kar le www.romanticsshayari.com ko 


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