Love Story In Hindi For Motivation

Love Story In Hindi For Motivation


'आप अज़ान के बिना भी दिन में पांच बार नमाज़ पढ़ सकते हैं। हो सकता
है कोई एप्प आपको अपने फ़ोन पर दिन में पांच बार इसकी याद दिला दो या
आप चाहें तो हेडफ़ोन पर जो सुनना चाह सुन सकते हैं। लेकिन इसे सभी पर
क्यों थोपना? वैसे मुझे खुशी होगी अगर आप मुझे एक मुस्लिम लड़की की तरह
संबोधित करना बंद करेंगे। मैं यहां पर एक मुस्लिम की तरह नहीं आई हूं, मैं यहां
पर क्लैश ऑफ़ द टाइटंस डिबेट कॉम्पिटिशन की फ़ाइनलिस्ट की तरह आई हूं।'
के बाद जजिंग पैनल में से एक फैकल्टी मेंबर स्टेज पर गए और फैसला सुनाया-
आज की डिबेट बहुत ही अच्छी रही। ये सच है कि भारत ही नहीं, पूरी
दुनिया में ही धार्मिक आस्था के सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगाने के पक्ष में
अपनी बात रखना बहुत मुश्किल है। इस नज़रिए से देखें तो मिस ज़ारा के सामने
एक कठिन चुनौती थी, लेकिन उन्होंने बहुत ही संयत रूप से और तर्कपूर्ण तरीके
से अपनी बात रखी। इसलिए मिस ज़ारा लोन को इस साल की विजेता घोषित
किया जाता है।'
सभी ने अपनी जगह पर खड़े होकर इस फैसले का अभिवादन किया। ज़ारा
अपनी ट्रॉफ़ी लेने आई। मैं पागलों की तरह तालियां बजा रहा था। मेरे हॉस्टल के
एक साथी ने मुझे कहा कि मुझे सीटी बजानी चाहिए। मैंने आपको बताया या नहीं
कि आईआईटी दिल्ली में मुझसे ज़ोरदार सीटी कोई नहीं बजा सकता था? मैंने
ज़ोरदार सीटी बजाई। वह किसी डिबेट कॉन्टेस्ट के बजाय किसी फुटबॉल मैच के
लिए ज़्यादा अनुरूप थी। एक बार फिर अनेक इंटेलेक्चुअल टाइप लोगों की नज़रें
मेरी तरफ़ घूम गई। शायद वे यही सोच रहे थे कि मेरे जैसे फूहड़ आदमी को यहां
किसने आने दिया।
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मेरी सीटी ने ज़ारा का ध्यान खींचा। उसने मेरी तरफ़ देखा और मुस्करा दी।
मैंने सीटी बजाने के लिए अपने मुंह में डाली उंगलियां बाहर निकाल लीं।
'ड्यूड, ईज़ी। वो तुम्हारी गर्लफ्रेंड है क्या?' मेरे पास खड़े एक लड़के ने कहा।
नहीं, है तो नहीं, लेकिन बन जाएगी। मैं यही कहना चाहता था।
लेकिन मैं हॉल के बाहर निकल आया और फूड स्टॉल्स की ओर चलने
'मुझे चीयर करने के लिए शुक्रिया।'
उसकी आवाज़ सुनकर मैं जैसे ठिठक ही गया।

Love Story Of Dinesh Mohan


'हां। नाइस
'ज़ारा?' मैंने पीछे पलटते हुए कहा।
कॉलेज।
तुम
यहीं के हो?'
'हां। और तुम?' मैंने कहा।
'दिल्ली कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग। चंद मार्क्स से आईआईटी मिस कर गई।
शायद मैं इतनी स्मार्ट नहीं थी।'
'तुम डेफिनेटली मुझसे तो ज़्यादा ही स्मार्ट हो।'
हम मेन रोड तक चले आए, जहां ढेर सारे फूड स्टॉल सजे
स्टॉल सजे हुए थे।
'तो जब तुम लोग चलते हुए जा रहे थे, तो ज़ारा ने तुमसे पूछा कि क्या तुम्हें भूख
लगी है और फिर तुम लोगों ने साथ में खाना खाया और फ़ोन नंबर्स एक्सचेंज
किए..' सौरभ ने मुझे बीच में ही टोकते हुए कहा।
'व्हॉट? तुम्हें ये सब कैसे मालूम?' मैंने कहा। एक वेटर ने हमें बालकनी में
देखा तो ट्रे में ड्रिंक्स ले आया। सौरभ के रोकने के बावजूद मैंने व्हिस्की का एक
गिलास उठा ही लिया।
'अरे, भाई, प्लीज़। तुमने एक प्लेन डोसा ऑर्डर किया। उसने परांठा
मंगवाया। परांठा अच्छा नहीं था तो तुमने उसे अपना डोसा दे दिया। इसके बाद
जो हुआ वह तो अब इतिहास है। चलो, अब अंदर चलें। मैं यहां सर्दी में जमकर
बर्फ़ हुआ जा रहा हूं।
उसने बांहें समेट लीं। मैंने व्हिस्की का एक बड़ा-सा सिप लिया। वह मेरे
हलक़ से नीचे कुछ ऐसे उतरी, जैसे आग की छोटी-सी गेंद हो।
'हैव अड्रिंक,' मैंने कहा। इससे तुम्हें कम सर्दी लगेगी।'
'नॉट रियली। एल्कोहल से तो उल्टे हीट लॉस हो जाता है।'
'गोलू, ये जेईई की कैमिस्ट्री यहां मत पका। ये न्यू ईयर्स ईव है,' मैंने कहा।
मैंने गिलास उसके मुंह की ओर बढ़ाया। उसने मेरी तरफ़ देखा और फिर झिझक
से एक चूंट पी लिया।
'गुड जॉब, माय गोलू,' मैंने कहा। तो तुम्हें डोसे वाली बात भी मालूम है?
तब तुम जानना चाहोगे कि हमारी अगली मुलाकात कैसे हुई? द फ़र्स्ट रियल
डेट?'
Love Story In Hindi For Motivation
Love  Story


Love Story OF Dinesh Babu


'प्लीज़, नो, भाई। अंदर चलकर स्टाफ़ के साथ रहते हैं। वे लोग पहले ही हमें
एंटीसोशल समझते हैं।
'उनकी ऐसी की तैसी। हमें इस जॉब से ही नफ़रत है तो लोगों से कैसे
घुलेंगे-मिलेंगे?'
'उन लोगों से थोड़ा बात करने की कोशिश तो कर सकते हैं।
'एक मिनट। मैं एक कॉल करके आया।'
मैंने अपना फ़ोन निकाला और ज़ारा का कॉन्टैक्ट खोला। सौरभ ने उसकी
तस्वीर देख ली।
'नहीं, भाई, नहीं, वह मेरा फ़ोन लेने आगे बढ़ा। मैं दौड़ पड़ा।
'भाई, मेरी क़सम है, आप उसको कॉल नहीं करोगे।'
'नया साल है, क्या मैं उसको विश भी नहीं कर सकता?'
'नहीं भाई,' उसने कहा।
'श्श्श... रिंग जा रही है,' मैंने अपने बाएं हाथ से सौरभ को रोका और दाएं
से फ़ोन को अपने कान से लगा लिया।
एक रिंग गई। फिर दूसरी, पांचवीं, सातवीं।
'हैलो?' एक आवाज़ सुनाई देते ही मैंने कहा। 'हैलो ज़ारा, फ़ोन मत
रखना, ओके?'
'द पर्सन यू हैव डायल्ड कैन नॉट बी रीच्ड। प्लीज़ ट्राय अगेन लेटर।'
एयरटेल लेडी की आवाज़ थी, इमोशनलेस बिच। उसको क्या मालूम था कि यह
कॉल मेरे लिए कितना ज़रूरी था।
'तो फ़ोन नहीं लगा? गुड, चलो अब रहने दो,' सौरभ ने कहा।
मैंने फिर लगाया। फिर सात रिंग गई। फिर वही एयरटेल बिच की आवाज़।
'स्टॉप इट, भाई। वो इतने सारे मिस्ड कॉल देखकर घबरा जाएगी।'
'मुझे परवाह नहीं,' मैंने कहा। जब आप पहले ही किसी को ढेरों मिस्ड कॉल
देने का अपमान सहन कर चुके हों, तो इससे क्या फ़र्क पड़ता है कि आपने दो या
तीन मिस्ड कॉल दिए हैं या सात या दस।
यही कारण था कि मैंने उसे दसवीं बार कॉल किया। और इस बार मेरे कानों
में एयरटेल लेडी की आवाज़ नहीं थी।
'हैलो।' मैंने ज़ारा की आवाज़ सुनी। उसके मुंह से निकला एक ही शब्द मुझे
दुनिया की किसी भी व्हिस्की से बेहतर महसूस कराने में सक्षम था

Love Story Of  Bhangarh


'हे ज़ारा,' मैंने गला खंखारते और 'हे' शब्द को ज़रूरत से ज़्यादा खींचते
हुए कहा। सौरभ ने मायूसी भरी आह भरै । मैं उससे दूर चला आया।
'हां, केशव,' उसने नपी-तुली आवाज़ में कहा। उसकी आवाज़ ठंडी थी,
किसी भी एयरटेल लेडी की आवाज़ से ज़्यादा ठंडी।
मुझे समझ नहीं आया कि अब क्या बोलूं। मैं तुम्हें कॉल करने की कोशिश
कर रहा था, मैं इतना ही कह सका।
'जानती हूं। और तुम्हें भी यह मालूम होना चाहिए कि अगर कोई दस बार में
भी आपका कॉल नहीं पिक कर रहा है तो इसका मतलब है कि शायद आप दोनों
के बीच बात नहीं हो सकती।'
'दस बार नहीं, नौ बार। एनी-वे, तुम बिज़ी हो क्या?' मैंने कहा। मैं बाद में
भी कॉल कर सकता हूं।' मुझे उसे एक बार फिर कॉल करने और उसकी आवाज़
सुनने का बहाना चाहिए था। मुझे बैकग्राउंड में म्यूज़िक सुनाई दे रहा था। वो भी
किसी पार्टी में थी। शायद उसने काली साड़ी पहनी हो। मैं सोचने लगा कि क्या
उसके साथ उसका इडियट लूज़र बॉयफ्रेंड भी होगा।
'क्या बात है, केशव? तुमने मुझे क्यों कॉल किया है?' उसने कहा।
मैं बालकनी के एक कोने में चला आया। सौरभ ने मुझे फ़ॉलो तो नहीं किया,
लेकिन दूर से ही मुझ पर नज़र ज़रूर जमाए रहा।
'मैं बस हैप्पी न्यू ईयर बोलना चाहता था। तुम ऐसे सवाल क्यों पूछ रही
हो?' मैंने कहा।
'होल्ड ऑन असैकंड,' उसने कहा। उसका ध्यान पार्टी में किसी और की
तरफ़ चला गया था। 'हाय,' मैंने उसकी आवाज़ सुनी, 'यू लुक लवली टू।'
'ज़ारा, आर यू देयर?' बहुत देर तक कुछ भी सुनाई हीं देने पर मैंने कहा।
'टु
'यहां बहुत सारे लोग हैं। एनी-वे, तुमको याद है हमने क्या डिसाइड किया
था?'
बी टुगेदर फ़ॉरेवर एंड एवर?' मैंने कहा। डैम, मुझे ऐसा कहने की क्या
ज़रूरत थी?
'क्या?'
'क्या हमने यह नहीं कहा था, जब हम ट्रिप पर गए थे? नए साल पर, गोवा
में?
'वो बहुत पुरानी बात है, केशवा'


Fairy Tales In Hindi Love Story


अच्छी तरह से काम करने लगता है।
'छह साल पुरानी, 2011 की न्यू ईयर ईव,' मैंने कहा। जब हमारा दिल
जाता है तो अतीत की तारीखों को याद रखने वाला हमारे दिमाग़ का हिस्सा बहुत
'आई मीन, जब हमारा ब्रेकअप हुआ, तब हमने डिसाइड किया था कि एक-
दूसरे के टच में नहीं रहेंगे। लेकिन तुम इसको फ़ॉलो ही नहीं करते। जबकि हमारा
ब्रेकअप हुए कई साल हो चुके हैं।
'ओके, तो एक काम करो, मुझे मार डालो, क्योंकि मैंने तुम्हें विश करने के
लिए फ़ोन लगाया। मुझे मार डालो, क्योंकि न्यू ईयर ईव मुझे तुम्हारी याद दिलाती
है। या मुझे मार डालो, क्योंकि आज उस दिन की पहली सालगिरह है, जब हम
पहली बार एक-दूसरे के साथ सोए थे।'
'केशव, स्टॉप इट।
'स्टॉप क्या? तुम्हारे बारे में सोचना? काश कि ऐसा कर पाता,' मैंने चीखते
हुए कहा। ‘काश कि मैं तुम्हें भुला पाता।'
सौरभ दौड़कर आया और इशारों में पूछने लगा कि क्या माजरा है। मैंने सिर
हिलाकर मना कर दिया। उसने इशारे में मुझसे फ़ोन को स्पीकर मोड पर रखने को
कहा। मैंने ऐसा ही किया।
'आर यू ड्रंक?' ज़ारा ने कोमल स्वर में कहा।
'इससे क्या फ़र्क पड़ता है? डूंक हूं या नहीं, लेकिन मैं तुम्हें मिस करता
ज़ारा। तुम उस लूज़र रघु के साथ क्या कर रही हो?'
'not
'उसे ऐसे नामों से बुलाना बंद करो, केशव। अच्छा मैं चलती हूं।'
सौरभ ने इशारे से कहा कि अब मुझे फ़ोन रख देना चाहिए। ज़ाहिर है, मैंने
उसकी यह नेक सलाह नहीं मानी।
'ओहो, अपने रघु को लेकर इतनी प्रोटेक्टिव? मग्गू-रग्घू। उसे हॉस्टल में इसी

Love Story Prem Kahani In HIndi

नाम से बुलाया जाता था। मालूम है तुमको? मग-गू रग-घू।'
'मैं फ़ोन रख रही हूं, केशव। और अब मुझे कॉल मत करना।'
'उस फ्रीकिंग नर्ड को लेकर इतनी टची? वो नर्ड, जो अपनी कमबख़्त डॉट
कॉम कंपनी को दुनिया में सबसे ज़्यादा चाहता है। वो तुम्हें कभी उस तरह प्यार
नहीं कर सकता, जिस तरह मैं करता हूं।'
'वो कमबख़्त डॉट कॉम कंपनी इंडिया के हॉटेस्ट स्टार्टअप्स में से है और
उसको रघु ने क्रिएट किया है। तुमको उसका वैल्यूएशन पता है? लेकिन मैं तुमको

यह सब भी क्यों बता रही हूं?' ज़ारा ने झुंझलाते हुए कहा।
'तो इसीलिए तुम उसके साथ हो, उसके पैसों के लिए?' मैंने कहा।
मैं उसके साथ इसलिए हूं, क्योंकि मुझे एक साथी चाहिए था, एक परिवार
चाहिए था, जबकि तुम तो डरे-डरे फिर रहे थे। हिम्मत जुटाने की बजाय तुम उल्टे
मेरे परिवार वालों को गालियां बक रहे थे।'
'और तुम्हारे इन परिवार वालों ने क्या किया?'
'तुम यह सब पहले भी कह चुके हो, लेकिन इसका अब कोई फायदा नहीं।
मुझे प्रोवोक करने की कोशिश मत करो। नाऊ, बाय। मुझे फिर कॉल मत करना
नहीं तो मुझे तुम्हें ब्लॉक करना पड़ेगा।'
'मुझे ब्लॉक करना पड़ेगा? क्या तुम मुझे ब्लॉक करने की धमकी दे रही
हो-
मुझे बीच में ही रुक जाना पड़ा, क्योंकि फ़ोन कट गया था।
'एनी-वे, मुझको भी जाना है,' मैंने फ़ोन पर कहा, जिसे सुनने वाला कोई
नहीं था।
'भाई, उसने फ़ोन काट दिया है,' सौरभ ने कहा। ठीक है, उसने मेरा फ़ोन काट
दिया। ऐसा प्रिटेंड करने से क्या फ़ायदा कि उसने ऐसा नहीं किया।
मैंने सौरभ की ओर देखा। मुझे उम्मीद थी कि एक तमाचा पड़ेगा। लेकिन वो
आगे बढ़ा और मुझे गले लगा लिया। मैं ज़ोर से रोने लगा।
'ब्लडी बिच। वो मुझे ब्लॉक करेगी? मैं उसको हर मिनट याद करता हूं और
वो मुझसे ऐसे बात करती है,' मैंने सुबकते हुए कहा।
'भाई, आपको इस लड़की को भूलना होगा। अब यह बहुत लंबा खिंच गया
है,' सौरभ ने कहा।
'मैं पहले ही उसे भुला चुका हूं।' मैंने सदी का सबसे बड़ा झूठ बोला।
'गुड। तो अब हम अंदर चलें?"
'वेट, मुझे उसको एक बार फिर कॉल करके बोलना है कि मैंने उसको भुला
दिया है।'
'नहीं, भाई, नहीं...'
लेकिन इससे पहले कि सौरभ कुछ रिएक्ट कर पाता, मैंने उसका नंबर एक
बार फिर डायल कर दिया। घंटी बजी। मुझे उम्मीद थी कि फ़ोन काट दिया जाएगा,
लेकिन फ़ोन अटेंड कर लिया गया।

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यह सब भी क्यों बता रही हूं?' ज़ारा ने झुंझलाते हुए कहा।
'तो इसीलिए तुम उसके साथ हो, उसके पैसों के लिए?' मैंने कहा।
मैं उसके साथ इसलिए हूं, क्योंकि मुझे एक साथी चाहिए था, एक परिवार
चाहिए था, जबकि तुम तो डरे-डरे फिर रहे थे। हिम्मत जुटाने की बजाय तुम उल्टे
मेरे परिवार वालों को गालियां बक रहे थे।'
'और तुम्हारे इन परिवार वालों ने क्या किया?'
'तुम यह सब पहले भी कह चुके हो, लेकिन इसका अब कोई फायदा नहीं।
मुझे प्रोवोक करने की कोशिश मत करो। नाऊ, बाय। मुझे फिर कॉल मत करना
नहीं तो मुझे तुम्हें ब्लॉक करना पड़ेगा।'
'मुझे ब्लॉक करना पड़ेगा? क्या तुम मुझे ब्लॉक करने की धमकी दे रही
हो-
मुझे बीच में ही रुक जाना पड़ा, क्योंकि फ़ोन कट गया था।
'एनी-वे, मुझको भी जाना है,' मैंने फ़ोन पर कहा, जिसे सुनने वाला कोई
नहीं था।
'भाई, उसने फ़ोन काट दिया है,' सौरभ ने कहा। ठीक है, उसने मेरा फ़ोन काट
दिया। ऐसा प्रिटेंड करने से क्या फ़ायदा कि उसने ऐसा नहीं किया।
मैंने सौरभ की ओर देखा। मुझे उम्मीद थी कि एक तमाचा पड़ेगा। लेकिन वो
आगे बढ़ा और मुझे गले लगा लिया। मैं ज़ोर से रोने लगा।
'ब्लडी बिच। वो मुझे ब्लॉक करेगी? मैं उसको हर मिनट याद करता हूं और
वो मुझसे ऐसे बात करती है,' मैंने सुबकते हुए कहा।
'भाई, आपको इस लड़की को भूलना होगा। अब यह बहुत लंबा खिंच गया
है,' सौरभ ने कहा।
'मैं पहले ही उसे भुला चुका हूं।' मैंने सदी का सबसे बड़ा झूठ बोला।
'गुड। तो अब हम अंदर चलें?"
'वेट, मुझे उसको एक बार फिर कॉल करके बोलना है कि मैंने उसको भुला
दिया है।'
'नहीं, भाई, नहीं...'
लेकिन इससे पहले कि सौरभ कुछ रिएक्ट कर पाता, मैंने उसका नंबर एक
बार फिर डायल कर दिया। घंटी बजी। मुझे उम्मीद थी कि फ़ोन काट दिया जाएगा,
लेकिन फ़ोन अटेंड कर लिया गया।

Inspiritional Love Story In Hindi


मैंने क्या कहा। लेकिन जहां तक मैं याद कर पा रहा हूं, मैंने रघु की मां और बहन
की शान में कुछ बातें कही थीं और वह भी शुद्ध हिंदी में। मैंने ऐसे शब्दों का
इस्तेमाल किया था कि राजस्थान के ट्रक ड्राइवर्स भी शरमा जाएं।
'और उसके बाद मैं एक डंडा लेकर तुम्हारी...' ऐन इसी बिंदु पर सौरभ ने
मुझसे फ़ोन छीन लिया। उसने फ़ोन काटा और अपनी जेब में रख लिया।
'ये तुम क्या चूतियापा कर रहे हो?' सौरभ ने मुझ पर चिल्लाते
जबकि वो कभी मुझसे ऊंची आवाज़ में बात नहीं करता है। तब जाकर मुझको
अहसास हुआ कि मैंने क्या कर दिया है।
'तुम ज़ारा को गालियां बक रहे थे,' उसने कहा।
'नहीं, केवल रघु को,' मैंने कहा।
'तुमने क्या शर्म-लिहाज़ बेच खाई है?' सौरभ ने कहा।
'मैं केवल ज़ारा से बात करना चाहता था, लेकिन वो ऐस-होल बीच में आ
रहा था।'
'वो बीच में इसलिए आ रहा था, क्योंकि ज़ारा ख़ुद तुम से बात नहीं करना
चाहती।'
'आज के बाद मैं उसको कभी कॉल नहीं करूंगा।'
सौरभ ने अपना सिर हिलाया और मायूस मन से मुस्कराने लगा।
'सच कहता हूं।'
'तुम उस लड़की को लेकर इतने ऑब्सेस्ड क्यों हो?'
'क्या मुझे मेरा फ़ोन वापस मिलेगा?'
सौरभ ने अपनी जेब थपथपाई।
'अभी यह मेरे पास रहेगा। और अगर तुम अब अंदर नहीं चले तो मैं इसे फ़र्श
पर फेंककर चकनाचूर कर दूंगा।'
हम चंदन के ड्राइंग रूम में चले आए। चंदन क्लासेस के कैमिस्ट्री टीचर
कमल सर हमारी ओर बढ़े।
'हैप्पी न्यू ईयर जी। अनदर ईयर, अनदर जेईई। अनदर राउंड ऑफ़ स्टूडेंट्स
जी,' उन्होंने कहा और इस चुटकुले पर खुद ही हंस पड़े।
मैंने हल्के से अपना गिलास उनके गिलास से टकराया।


'तुम दोनों कहां थे? अरोरा जी पूछ रहे थे,' उन्होंने कहा।
'सॉरी, हम थोड़ी खुली हवा खाने चले गए थे,' सौरभ ने कहा।
‘और अब थोड़ी व्हिस्की पीना चाहते हैं,' मैंने आंख मारकर कहा। 'कमल
जी, क्या आप मुझे एक ड्रिंक लाकर देंगे?'
'श्योर,' उन्होंने कहा। ‘अभी आया।'
सौरभ ने मुझे घूरकर देखा।
'अब बस करो,' उसने कहा।
'लास्ट ड्रिंक। क्या मुझे मेरा फ़ोन वापस मिलेगा?'
'नेवर। केशव, तुमने ठीक नहीं किया। पता है तुम कैसे चिल्ला रहे थे?
'गोलू जी, जब आप मुझे डांटते हो तो बड़े क्यूट लगते हो। आपका गोल
चेहरा टमाटर जी जैसा लाल हो जाता है,' मैंने कहा।
'स्टॉप इट,' उसने कहा।
मैं उसकी ओर बढ़ा।
'हैप्पी न्यू ईयर जी। अनदर ईयर, अनदर जेईई,' मैंने कहा और उसे गुदगुदी
करने लगा।
'मैंने कहा स्टॉप इट।'
मैंने अपना फ़ोन निकालने के लिए उसकी जेब में हाथ डाल दिया।
'नेवर,' उसने मुझे धकेलते हुए कहा।
'तुम तो पहले से भी फ़ैट हो गए हो, गोलू,' मैंने उसका पेट थपथपाते हुए
कहा। मिठाई के शौक़ीन, है ना?'
'जो आपको कभी नहीं मिल सकता, उसे प्यार करने से तो बेहतर ही है,
सौरभ ने मेरे हाथ को धकेलते हुए कहा।

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